Blog

गीता की भावना और Poshan Potli

Bhagavad Gita में श्री कृष्ण कहते हैं —
“योगः कर्मसु कौशलम्”
अर्थात प्रेम, समर्पण और कुशलता से किया गया कर्म ही योग है।
जब एक माँ नए जीवन को जन्म देती है,
तो उसका ध्यान रखना, उसे शक्ति देना और उसका पोषण करना
सिर्फ एक जिम्मेदारी नहीं… एक पवित्र कर्म है।
इसी भावना से बना है Poshan Potli Laddoo —
शुद्ध देसी घी, मेवे और परंपरा के पोषण से तैयार,
ताकि माँ को मिले शक्ति और नवजीवन को मिले स्वस्थ शुरुआत।
क्योंकि गीता हमें सिखाती है —
निस्वार्थ सेवा ही सच्चा धर्म है।
और माँ के स्वास्थ्य और पोषण की सेवा से बड़ा
शायद ही कोई कर्म हो।
Poshan Potli – कर्म, सेवा और पोषण का एक छोटा सा प्रयास। ✨

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *