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जब उम्मीद भी भीगने लगे… तब एक छोटा सा सहारा सब बदल देता है

दूर गाँव से खबर आई —नानी बहुत बीमार हैं।घर में जैसे सन्नाटा छा गया।माँ की आँखों में चिंता साफ दिख रही थी।वो तुरंत जाना चाहती थीं… बच्चो...

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जब घर की धड़कन थक जाए — तब कौन संभालेगा बच्चों को?

माँ बीमार है।पापा ऑफिस की भागदौड़ में उलझे हुए हैं।बच्चे अभी छोटे हैं — ना समझदार, ना आत्मनिर्भर।नाना-नानी दूर, दादा-दादी दूर, मामा-माम...

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60 दिनों की तपस्या, एक भरोसा… और वो पल जब इतिहास बन गया

सुबह के 8 बजे।एग्ज़ाम हॉल का दरवाज़ा खुलता है।3 घंटे — 8 से 11। ये कोई साधारण परीक्षा नहीं थी,ये थी CA Final —जहाँ हर पेपर के स...

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