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धर्म और Poshan Potli का संबंध

शास्त्रों में कहा गया है —
“धारणात् धर्मः”
अर्थात जो जीवन को संभाले, पोषण दे और समाज को टिकाए रखे, वही धर्म है।
एक माँ जब बच्चे को जन्म देती है,
तो वह सृष्टि को आगे बढ़ाती है।
उस समय माँ को शक्ति देना,
उसका पोषण करना और उसकी सेवा करना —
यही सच्चा धर्म है।
इसी भावना से जन्म हुआ Poshan Potli का।
यह केवल लड्डू नहीं हैं,
यह माँ के स्वास्थ्य, नवजीवन की शुरुआत और परिवार की खुशियों का संकल्प हैं।
जब माँ को सही पोषण मिलता है,
तो बच्चा स्वस्थ होता है,
परिवार खुश होता है,
और समाज मजबूत बनता है।
इसलिए…
माँ का पोषण ही धर्म है।
और Poshan Potli उसी धर्म की एक छोटी सी सेवा है। ✨

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